Connect with us

नंदा गौरा योजना के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, 30 दिसंबर तक कर सकते है आवेदन…

उत्तराखंड

नंदा गौरा योजना के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, 30 दिसंबर तक कर सकते है आवेदन…


Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार ने बेटियों को बड़ी राहत दी है।  शासन ने  नंदा गौरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आवेदन करने की तिथि बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि अब इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर कर दी गई है। जिसके आदेश जारी कर दिए गए है।

बता दें कि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित की जाने वाली नंदा गौरा योजना में इस बार नए प्रारूप में आवेदन मांगे गए हैं। इस योजना के तहत छात्राओं को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस योजना के लिए पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर थी जिसे अब बढ़ा दिया गया है।आइए जानते है आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है।

यह भी पढ़ें 👉  भूमि धोखाधड़ी पर प्रशासन सख्त, 51 मामलों का निस्तारण और 5 में एफआईआर के निर्देश…

इस योजना के तहत  इंटर की परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद छात्राओं को 51000 रूपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। ये सहायता राशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। शासन ने आवेदन पत्र के साथ मांगे गए अभिलेखों की सूची भी जारी की गई है। बताया जा रहा है कि नंदा गौरा योजना के तहत  2022-23 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है।

यह भी पढ़ें 👉  विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू, प्रदेश अध्यक्षों को वितरित किए गए गणना फार्म…

नंदा गौरा योजना के आवेदन के साथ बिजली का बिल, पानी का बिल, कार, आवासीय भूखंड, मनरेगा जॉब कार्ड से संबंधित सूचनाएं भी मांगी गई है। उनका केवल आवेदन में उल्लेख करना है। इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र या अभिलेख जमा नहीं करना है।

आवेदन के लिए प्रमाण पत्र की बात करें तो स्थाई निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, 10वीं व 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर का नकल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना में परिवार की स्थिति के आकलन के प्रति, अविवाहित होने का प्रमाण, बैंक पासबुक इत्यादि चाहिए होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों के अनुकरण से सशक्त बनेगा नया भारत – मुख्यमंत्री

बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए कुछ दिन पूर्व विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने आवेदन के समक्ष आ रहे दिक्कतों को देखते हुए कुछ फेरबदल करने के निर्देश दिए थे । शासन की ओर से प्रारूप में फेरबदल तो नहीं किया गया लेकिन स्पष्ट किया गया कि इसमें मांगी गई कुछ जानकारियों के साथ प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।

 

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Categories

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top