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केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय से सीएम की मुलाकात, जानें क्या हुई बात…

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केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय से सीएम की मुलाकात, जानें क्या हुई बात…


आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय से भेंट कर उनसे भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हरिद्वार के स्वामित्व की अनुप्रयुक्त 492 एकड़ भूमि का स्वामित्व उत्तराखण्ड सरकार को हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह 457 एकड़ भूमि औद्योगिक विस्तार के लिए व 35 एकड़ भूमि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (MMLP) स्थापित किये जाने के लिए राज्य सरकार को हस्तांतरित की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के लिए केंद्र से मिल रहे सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निवेश प्रोत्साहन तथा स्टार्ट अप क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है। भारत सरकार द्वारा निर्गत की जाने वाली रैंकिंग में उत्तराखण्ड लगातार उत्तम श्रेणी प्राप्त कर रहा है। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति ने यूसीसी का ड्राफ्ट उन्हें सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि 740 पृष्ठों की चार वोल्यूम में तैयार की गई इस विस्तृत ड्राफ्ट रिपोर्ट को 05 फरवरी से आयोजित हो रहे राज्य विधान सभा के सत्र में सभी दलों के सदस्यों के साथ व्यापक चर्चा एवं विचार-विमर्श के बाद अधिनियम के रूप में तैयार कर राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमनें 2022 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश की जनता से वादा किया था कि चुनाव के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने वादे के मुताबिक हमनें सरकार गठन के तुरंत बाद ही पहली कैबिनेट की बैठक में ही समान नागरिक संहिता बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया था और सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की। उन्होंने कहा कि इस देवभूमि से तैयार होने वाला यह विधेयक प्रदेश हित के साथ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ तथा सबका साथ, सबका विकास के प्रधानमंत्री मोदी के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है। यह किसी के भी विरोध के लिए नहीं लाया गया है।

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