Connect with us

यूपी की तर्ज पर दंगा करने वालों से होगी पाई-पाई की वसूली, विशेष ट्रिब्यूनल के गठन को मंजूरी…

उत्तराखंड

यूपी की तर्ज पर दंगा करने वालों से होगी पाई-पाई की वसूली, विशेष ट्रिब्यूनल के गठन को मंजूरी…


उत्तराखंड में अब यूपी की तर्ज पर दंगा करने वालों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। उत्तराखंड सरकार ने दंगाइयों पर शिकंजा कसने के लिए उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली एक्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। तो वहीं अब आज कैबिनेट में इसके लिए विशेष ट्रिब्यूनल के गठन को मंजूरी दी है।

मिली  लोकसभा चुनाव से पहले आज सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक शुरू हुई, जिसमें दंगों के दौरान होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की क्षतिपूर्ति दंगाइयों से ही करने के लिए एक विशेष ट्रिब्यूनल के गठन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि अब इस एक्ट के बनने से दंगाईयों व प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई और वसूली का प्रावधान किया जा रहा है। दंगे या आंदोलन में अगर नुकसान किया गया तो संबंधित पर कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें 👉  1252 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी…

बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक विधानसभा में लाई थी, जिसे सदन में पारित करने के बाद कानून का रूप दिया जाएगा। ऐसा कर उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां इस तरह का कानून लागू है। अब जल्द ही अध्यादेश लागू होने के लिए राजभवन भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार के लिए ₹461 करोड़ स्वीकृत, चारधाम मार्ग होगा और सुरक्षित…

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे प्रदेशों में इस तरह के कानून पहले से लागू हैं। जबकि, उत्तराखंड में सरकारी संपत्तियों को नुकसान होने पर लोक संपत्ति विरुपण कानून ही अस्तित्व में है। लेकिन, इससे दंगाइयों और तोड़फोड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। ऐसे में पिछले दिनों बनभूलपुरा में हुई घटना के बाद सरकार ने प्रदेश में भी एक सशक्त कानून को लागू करने की योजना बनाई है।

यह भी पढ़ें 👉  आयुष सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान के निर्देश…

 

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Categories

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top