Connect with us

संस्कृति व संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड

संस्कृति व संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री


राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के संरक्षण-संवर्धन एवं संस्कृत को जनभाषा बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सचिवालय परिसर में ‘संस्कृत संभाषण शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ बुधवार को कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा सभी कैबिनेट मंत्रियों एवं मुख्य सचिव की उपस्थिति में किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर रुद्रप्रयाग को ‘स्टेट बेस्ट इलेक्ट्रोरल प्रैक्टिसेज अवॉर्ड–2026’ से नवाजा गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी संस्कृति व संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर 13 जनपदों में 13 संस्कृत ग्राम विकसित किये जा रहे हैं। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के माध्यम से वेद, दर्शन, उपनिषद् आदि प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा से जनसामान्य को जोड़ने के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। संस्कृत भाषा का संरक्षण व संवर्धन करना सरकार की प्राथमिकता है।

यह भी पढ़ें 👉  O Lobo e a Pomba : Baixe PDFs de Leituras Grátis

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि सचिवालय परिसर में 29 मई से 12 जून तक संस्कृत संभाषण कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। जिसमें सचिवालय के अधिकारियों व कार्मिकों को संस्कृत संभाषण का अभ्यास कराया जाएगा। जिसके लिए सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा भी निर्देश जारी किये गये हैं।

यह भी पढ़ें 👉  La société écologique et ses ennemis : Livre Gratuit PDF
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top