Connect with us

मां के पांव गिरकर माफी मांगो, वरना होगा जिला बदर : डीएम

उत्तराखंड

मां के पांव गिरकर माफी मांगो, वरना होगा जिला बदर : डीएम


देहरादून, मां को जन्म देने वाले बेटे ही जब उसके लिए भय का कारण बन जाएं और एक विधवा मां हर रात जान के डर में जीने को मजबूर हो जाए, तब जिला प्रशासन उसके लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार अपने ही बेटों की प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर जिलाधिकारी से गुहार लगाने पहुंची थीं।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित होने पर भगत सिंह कोश्यारी को उनके आवास पर पहुंच कर दी बधाई

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों ने मां की पीड़ा की पुष्टि की। इसके बाद प्रशासन ने दोनों बेटों के विरुद्ध गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रारम्भ की। कानूनी शिकंजा कसते ही राह से भटके बेटों को पहली बार अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का एहसास हुआ।

कार्रवाई के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में अपनी मां से क्षमा याचना की तथा नशा छोड़ने और भविष्य में किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार न करने का शपथ पत्र दिया। जिला प्रशासन की सख्ती और कानून के भय ने बेटों के व्यवहार में स्पष्ट सुधार लाया। न्यायालय ने स्थिति में सुधार को देखते हुए आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी।

यह भी पढ़ें 👉  Zen día a día. El comienzo, la práctica y la vida diaria : (E-Book, EPUB)

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं, विधवाओं एवं निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। भविष्य में यदि ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  बागेश्वर को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

जिला प्रशासन की इस सख्त और संवेदनशील पहल से न केवल एक विधवा मां को सुरक्षा मिली, बल्कि समाज को यह संदेश भी गया कि कानून से ऊपर कोई नहीं और मां का सम्मान सर्वोपरि है।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top