Connect with us

श्री भट्ट के निधन पर चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त समिति ने किया शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

उत्तराखंड

श्री भट्ट के निधन पर चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त समिति ने किया शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन


उत्तरकाशी: चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त समिति के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विजेन्द्र पोखरियाल की अध्यक्षता में श्रीदेव सुमन चौक पर पृथक उत्तराखण्ड आन्दोलन के पुरोधा फील्ड मार्शल स्व श्री दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में राज्य आन्दोलनकारियों ने उन्हें नमन करते हुए दो मिनट का मौन रख कर उनके प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त समिति उत्तराखण्ड के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विजेन्द्र पोखरियाल ने कहा फील्ड मार्शल स्व श्री दिवाकर भट्ट राज्य आन्दोलन के जनक योद्धा थे मुज़फरपुर कांड के तुरंत बाद भट्ट जी ने खैट पर्वत से मुंबई तक उत्तराखण्ड पृथक राज्य की अलक जगाई उनके मन में आक्रोश था वे उस समय बाळासाहेब ठाकरे से मिले थे बाला साहेब ठाकरे ने उनको अपनी दशहरा रैली में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।

यह भी पढ़ें 👉  पीएम किसान सम्मान निधि योजना 21वीं किस्त: एक हफ्ते में पूरे कर लें ये काम, नहीं तो खाते में नहीं आएंगे 2000

दिवाकर भट्ट जी ने बाळासाहेब के मंच से देश दुनिया क़ो उत्तराखंड राज्य के औचित्य व केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किये जा रहे दमन व मुजफ्फरपुर कांड से अवगत कराया व शिवसेना से उत्तराखंड राज्य निर्माण व आंदोलनकारियों के सरक्षण व सहयोग की अपील की थी वह एक ऐतिहासिक क्षण था दिवाकर भट्ट जी की भाषण क़ो पुरे मैदान में जमा शिवसेनिकों द्वारा तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थन मिला जो अभूतपूर्व था जिसके पश्चात श्री बाळासाहेब ठाकरे जी ने अपनी चिरपरिचित शैली में उत्तराखंड की माँग क़ो जायज ठहराया व अपना समर्थन दिया साथ केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकारों क़ो चेताया की आगे से उत्तराखंडी आदोंलनकारियों का दमन हुआ तो उसकी प्रतिक्रिया मुंबई में होंगी व उत्तराखंड आंदोलन क़ो अपना पूर्ण समर्थन की घोषणा की गयी।

यह कार्य केवल दीवाकर भट्ट जैसा आंदोलनकारी ही कर सकता था। भगवान श्री दिवाकरभट्ट की आत्मा क़ो अपने श्रीचरणों में जगह दे विष्णुपाल सिंह रावत ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि हमने दिवाकर भट्ट के साथ कई रात और दिन जेलों में एक साथ काटी है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई, राज्यभर में विशेष अभियान शुरू

उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब आने वाली पीढ़ी हम सभी के पद चिन्हों पर चलकर उत्तरकाशी को धर्म नगरी घोषित कराने में आगे आयेंगे दिनेश सिंह पंवार ने कहा अगर भट्ट जी नहीं होते तो आजतक सायद उत्तराखण्ड राज्य प्राप्त भी नहीं हो सकता था।

उन्होंने कहा दिवाकर भट्ट जब गरजता थे तो लगता था कही शेर गरज रहा है महावीर भट्ट ने कहा हमें अच्छे से मालूम है कि जब दिवाकर भट्ट खैट पर्वत में अनशन पर बैठे थे तो उनकी पुलिस के साथ काफी नोक झोंक भी हुई जिससे आन्दोलन में तेजी आई थी।

यह भी पढ़ें 👉  डीएम टिहरी ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर की बैठक

वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी पत्रकार रमेश कुड़ियाल ने कहा दिवाकर भट्ट ने ही आर-पार की लड़ने के लिए सभी को कहा था जिसके बाद कई अन्य साथियों ने उनके समर्थन में अनशन आन्दोलन को आगे बढ़ाया था।

मदन मोहन विल्जवान ने कहा उन्होंने बद्रीनाथ से दिल्ली तक पद यात्रा की थी। श्रद्धांजलि शोक सभा में उपस्थित रहे चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त समिति उत्तराखण्ड के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विजेन्द्र पोखरियाल, विष्णुपाल सिंह रावत, पत्रकार रमेश कुड़ियाल। बुद्धि सिंह पंवार, दिनेश सिंह पंवार, महावीर प्रसाद भट्ट, राजेन्द्र प्रसाद पैन्यूली, जगदीश प्रसाद भट्ट, सन्तोष सेमवाल, विक्रम सिंह नेगी, गैण सिंह राणा, नागेन्द्र थपलियाल, जेठू लाल, आशीष सोंदाल, मानेंद्र सिंह रावत, मदन मोहन विल्जवान, लखी राम नौटियाल, अजय बडोला, तेग सिंह राणा, रविन्द्र नौटियाल, जसबीर सिंह, असवाल माही, मोहित पवार, अंकित पंवार आदि उपस्थित रहे।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top