Connect with us

उत्तराखंडः महापंचायत का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, पीठ ने दिए सरकार को ये निर्देश…

उत्तराखंड

उत्तराखंडः महापंचायत का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, पीठ ने दिए सरकार को ये निर्देश…


उत्तराखंड में जहां पुरौला हिन्दू महापंचायत को लेकर अलर्ट है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। यमुना घाटी के तीनों बाजार बंद कर दिए गए हैं। बड़कोट, पुरोला, नौगांव के सभी बाजारों में कोई दुकान नहीं खुली। वहीं हाईकोर्ट में आज पुरौला हिन्दू महापंचायत पर रोक संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई है। मामले में कोर्ट ने सरकार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने को कहा है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता और उससे जुड़े लोगों को टी.वी डिबेट और आपत्तिजनक नारे लगाने पर रोक लगा दी है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार  उत्तरकाशी जिले के पुरौला में हिन्दू महापंचायत को रोकने संबंधी जनहित याचिका को मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने सुना। खंडपीठ ने आज मामले में सरकार से सुरक्षा व्यवस्थाओं को और भी चाक चौबंद करने को कहा है, साथ में याची व उनके साथियों से टी.वी.डिबेट और आपत्तिजनक नारों से दूर रहने को कहा है। मामले में ली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होनी तय हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी को हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 के पहले जत्थे के विदाई समारोह का निमंत्रण…

न्यायालय को बताया गया कि पुरोला की एक नाबालिग लड़की को दो युवकों ने बहला फुसलाकर भगाने के बाद पुरोला में साम्प्रदायिक तनाव बना है, हालांकि आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं । इसके बाद पुरोला से धर्म विशेष की दुकानों को खाली कराया जा रहा है और उन दुकानों के बाहर धार्मिक संगठन ने चेतावनी भरे पोस्टर लगाए हैं । उन्होंने महापंचायत में धार्मिक संगठनों के नेताओं द्वारा “हेट स्पीच” दिए जाने की आशंका जताई जिससे साम्प्रदायिक माहौल खराब होगा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने 1100 कन्याओं का किया पूजन…

वहीं दिल्ली से मामले में ऑनलाइन जुड़ी महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाए की पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था बनाने में नाकामयाब है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर और बैनर लगाकर एक धर्म विशेष के लोगों को धमकाया जा रहा है। उन्हें दुकानें छोड़कर भगाया जा रहा है। कहा कि पोस्टर में भाई, बहन, पंडित, बाबा समेत सभी सनातनियों को महापंचायत में हिस्सा लेने को कहा गया है। याची के अधिवक्ता ने कहा कि पोस्टर लगाने और महापंचायत बुलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की…

वहीं जिला प्रशासन ने पूरी पुरोला तहसील क्षेत्र में 14 से 19 जून तक धारा-144 लागू कर दी है। शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। एहतियातन पूरी यमुना घाटी में भी पुलिस बल तैनात कर दिया है। बुधवार को पुलिस ने पुरोला में फ्लैग मार्च भी किया। आज पुलिस ने महापंचायत के लिए पुरोला जाने की जिद पर अड़े हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं व व्यापारियों को पुलिस ने पुरोला जाने से रोका। पुलिस के साथ देर तक नोंकझोक के बाद प्रदर्शनकारी यही धरने पर बैठ गए, जिसके चलते यहां लंबा जाम लग गया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Categories

Advertisement
Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top